Saturday, 16 February 2019, 12:50 AM

धर्म एवं ज्योतिष

गोमुख से भगीरथी नदी का उद्गम है गंगोत्री

Updated on 21 April, 2015, 14:37
 केदारखण्ड के चारों धामों में यमुनोत्री के बाद गंगोत्री की यात्रा करने का विधान है। परम पावनी गंगा का स्वर्ग से अवतरण इसी पुण्य भूमि पर हुआ था। सर्वप्रथम गंगा का अवतरण होने के कारण यह स्थान गंगोत्री कहलाया। यह स्थान हरिद्वार से 282 कि.मी. की ओर ऋषिकेष से 257... आगे पढ़े

परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार कहे जाते

Updated on 21 April, 2015, 12:53
परशुराम भगवान विष्णु के छठे अवतार कहे जाते हैं। वह त्रेता युग (रामायण काल) के मुनि थे। उनका जन्म भृगुश्रेष्ठ महर्षि जमदग्नि की ओर से करवाए गए पुत्रेष्टि यज्ञ से प्रसन्न देवराज इन्द्र के वरदान स्वरूप हुआ। पौराणिक उल्लेख- परशुरामजी का उल्लेख रामायण, महाभारत, भागवत पुराण और कल्कि पुराण इत्यादि अनेक... आगे पढ़े

भगवान है क्या ?

Updated on 20 April, 2015, 13:28
प्रश्न- भगवान हैं क्या? गुरुरविशंकरजी- क्यों नहीं? अगर भगवान ना होते तो तुम यह प्रश्न ही क्यों पूछोगे? तुम क्या कहोगे अगर एक लहर सागर के अस्तित्व पर सवाल करे? सागर है तभी तो लहर है। जिसके कारण तुम खड़े हो, तुम्हारा अस्तित्व है, तुम सोचते हो, समझते हो, सांस लेते... आगे पढ़े

गुरु का प्रयोजन

Updated on 19 April, 2015, 9:13
गुरु शब्द का अर्थ बड़ा प्यारा है. इसका अर्थ होता है- जिससे अंधकार मिटे. गुरु शब्द का अर्थ होता है- दीया, रोशनी. प्यारा शब्द है. मगर प्यारे से प्यारे शब्द गलत लोगों के हाथों में पड़ कर घातक हो जाते हैं. कितना प्यारा शब्द है! लेकिन उसके क्या-क्या अर्थ हो गए!... आगे पढ़े

लाखों लोग शनि अमावस्या पर इस मंदिर में अपनी मन्नतें मांगते हैं

Updated on 18 April, 2015, 13:22
मध्यप्रदेश के सबसे बड़े शनि मंदिरं। यह मंदिर विंध्याचल की मनोरम पहाडिय़ों में बाई नामक ग्राम है में स्थित है। बाई इंदौर से करीब 30 किमी की दूरी पर है। वैसे तो मंदिर काफी नया है, परंतु यह अत्यंत भव्य है और इसके बनने की कहानी भी उतनी ही रोचक है।... आगे पढ़े

ऊँ नम शिवाय

Updated on 18 April, 2015, 13:16
ऊँ नम शिवाय, वह मूल मंत्र है जो हमारे शरीर का शुद्धीकरण करता है और साथ ही आपमें ध्यान की अवस्था लाने में मदद करता है। यह वह मूल मंत्र है, जिसे कई सभ्यताओं में महामंत्र माना गया है। जाने इस मंत्र का महात्म्य सद्गुरु- पूरी जागरूकता के साथ किसी मंत्र... आगे पढ़े

आज शनिचरी अमावस्‍या: विशेष पुण्‍यदायी फल का दिन

Updated on 18 April, 2015, 9:38
इस वर्ष शनिचरी अमावस्या 18 अप्रैल (शनिवार) के दिन मनाई जाएगी शनिचरी अमावस्या को की जाने वाली पूजा-अर्चना से विशेष पुण्यदायी फल भी मिलता है। इसका परिणाम बहुत लाभकारी होता हैं। शनिदेव की पूजा करने का सबसे बड़ा अवसर शनिचरी अमावस्या होता है इसलिए ऐसे अवसर का लाभ उठाकर ईश्वरीय आराधना... आगे पढ़े

रूप का रहस्य, रहस्य का रूप

Updated on 17 April, 2015, 13:27
देहरादून । हिमालयी महाकुंभ श्री नंदा देवी राजजात का अद्भुत, अलौकिक, अतुलनीय, अति प्राचीन, अविस्मरणीय और अति दुर्लभ पड़ाव है रूपकुंड। चमोली जनपद के सीमांत देवाल विकासखंड में समुद्रतल से 4778 मीटर की ऊंचाई पर नंदाकोट, नंदाघाट और त्रिशूल जैसे विशाल हिमशिखरों की छांव में चट्टानों और पत्थरों के विस्तार... आगे पढ़े

सुनहरे श्रृंगार में होंगे बांकेबिहारी

Updated on 17 April, 2015, 13:26
वृंदावन। अक्षय तृतीया पर 21 अप्रैल को सुनहरा श्रृंगार होगा। पीतांबर धारण करेंगे और चंदन की सुगंध बिखेरेंगे ठा.बांकेबिहारी। स्वामी हरिदासजी द्वारा शुरू की गई परंपरा के अनुसार अक्षय तृतीया पर साल में एक बार होने वाले भक्तों को सर्वांग (चरण) दर्शन भी देंगे बांकेबिहारीे। चरणों में चंदन का लड्डू... आगे पढ़े

गंगोत्री-यमुनोत्री में होटल मई तक पैक

Updated on 17 April, 2015, 13:23
उत्तरकाशी। 21 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा के दौरान आने वाले यात्रियों ने गंगोत्री- यमुनोत्री में मई तक के लिए जीएमवएन के अधिकांश होटल बुक कर दिए हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री यात्रा रूट पर गढ़वाल मंडल विकास निगम के 17 गेस्ट हाउस है। जीएमवीएन को ज्यादातर गेस्ट हाउस दो... आगे पढ़े

कन्फ्यूशियस का जवाब

Updated on 16 April, 2015, 13:17
कन्फ्यूशियस के समय चीन बड़े उतार-चढ़ाव से गुजर रहा था। सभी के मन में अराजकता और रक्तपात का भय समाने लगा। सरकार का एक नुमाइंदा ऐसे माहौल में कन्फ्यूशियस को ढूंढ़ने लगा। उसने कन्फ्यूशियस को एक पेड़ के नीचे ध्यानमग्न देखा। उसने कहा, 'इस विकट समय में आपका मार्गदर्शन चाहिए।... आगे पढ़े

चारधाम यात्रा बनी प्रशासन के लिए चुनौती

Updated on 16 April, 2015, 13:14
गोपेश्वर। यात्रा व्यवस्थाओं में हो रही देरी अब प्रशासन के लिए भी चुनौती बन गई है। जिलाधिकारी ने अवकाश के बाद भी यात्रा तैयारियों में लगे अधिकारियों की बैठक लेकर कार्यो की समीक्षा कर रणनीति बदलते हुए आवश्यक दिशा निर्देश दिए हैं। उन्होंने जोर दिया कि यात्रा से पहले सभी व्यवस्था... आगे पढ़े

केदारनाथ डायरी: बादलों से झांकता आशा का सूरज

Updated on 16 April, 2015, 13:12
रुद्रप्रयाग। केदारनाथ यात्रा में अब महज दस दिन शेष हैं। धाम में तैयारियां युद्धस्तर पर जारी हैं तो यात्रा मार्ग पर भी लोग दुकानों को सजाने संवारने में जुटे हैं। बैसाख के आसमान में बादलों से चल रही लुकाछिपी के बीच आशा का सूरज संदेश दे रहा है कि आस्था... आगे पढ़े

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को परोसेगा उत्तराखंडी व्यंजन

Updated on 15 April, 2015, 17:03
देहरादून। केदारनाथ यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को इस बार गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) लजीज पहाड़ी व्यंजनों का स्वाद भी चखाएगा। श्रद्धालुओं को भोजन में दाल, चावल, सब्जी के साथ स्वास्थ्यवर्धक मंडुए की रोटी और झंगोरे की खीर भी परोसी जाएगी। इसके लिए निगम स्थानीय युवाओं की मदद लेगा। इससे... आगे पढ़े

कलयुग में विवाह धर्म नहीं

Updated on 15 April, 2015, 12:08
पुराणों में कलियुग के संदर्भ में कई रोचक जानकारियां मिलती है। दिलचस्प बात यह है कि इस युग में विवाह को धर्म नहीं माना गया है। शिष्य अपने गुरु के अधीन नहीं रहेंगे। पुत्र अपने कर्तव्य और धर्म से दूर रहेंगे। कलियुग में दान देना सबसे बड़ा धर्म बताया गया है।... आगे पढ़े

इस पवित्र उपवेद से हुआ वास्तुशास्त्र का उद्भव

Updated on 15 April, 2015, 8:10
हिंदू धर्म में चार वेद हैं जिनमें से एक है 'अथर्ववेद' इस वेद का एक उपवेद है 'स्थापत्य वेद'। यह वेद हमारे वास्तुशासत्र का आधार है। बिना ज्योतिष के वास्तु विद्या अधूरी है। वास्तु में मुहूर्त का बहुत है और बिना ज्योतिष ज्ञान के आप मुहूर्त नहीं निकाल सकते हैं। ब्रह्माजी... आगे पढ़े

खालसा का सृजन यानी अमृत शक्ति का संचार

Updated on 14 April, 2015, 16:37
खालसा अरबी बोली का शब्द है, इसका अर्थ - पाक, पवित्र, बिना किसी डर के तथा वह जमीन जो सीधे बादशाह की हो, होता है। सिक्ख सिद्धांत अनुसार खालसा वह है जिसका सीधा संबंध अकाल पुरख (ईश्‍वर) से है। इसलिये उसे किसी मध्यवर्ती की जरूरत नहीं है। गुरू गोबिंद सिंह जी... आगे पढ़े

बन तितली उड़दी फिरां किशोरी तेरे बरसाने में..

Updated on 14 April, 2015, 12:05
बरसाना। लाड़ली मंदिर में चंडीगढ़ के राधारानी फूल बंगला सेवा संस्था ने मेवा का बंगला सजाकर श्रद्धालुओं का आकर्षण चुरा लिया। शनिवार की सायं हुए इस भव्य कार्यक्रम में दर्शन करने वाले राधा रानी की एक झलक पाने को मचल गए और देर रात तक भजनों का दौर चलता रहा। बीते... आगे पढ़े

बदरीनाथ धाम में बर्फ साफ करना बना चुनौती

Updated on 14 April, 2015, 12:04
गोपेश्वर (चमोली)। बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने में दो सप्ताह ही शेष हैं और चुनौतियों का पहाड़ सामने खड़ा है। धाम के कपाट 26 अप्रैल को खोले जाने हैं। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी मुश्किल बदरीनाथ में जमा बर्फ के ढेर साफ करना है। यहां चारों ओर बर्फ ही बर्फ... आगे पढ़े

बैसाखी पर पड़ी थी खालसा की नींव

Updated on 14 April, 2015, 12:02
बैसाखी प्रसन्नता का पर्व है। नई फसल से घर में समृद्धि की खुशी होती है, तो इसमें शामिल है खालसा पंथ की स्थापना का स्मरण भी...। बैसाखी (14 अप्रैल) पर विशेष... साखी पंजाब का खास सामाजिक पर्व है, जिसे लोग मिल-जुलकर आनंदपूर्वक मनाते हैं। नई फसल के घर आने की खुशी... आगे पढ़े

खत्म हुआ खरमास, मुहूर्तो का घनघोर लग्न, 1948 के बाद ऐसा योग

Updated on 14 April, 2015, 11:37
वाराणसी। शादी विवाह की चिंताओं को लेकर परेशान लोग इस बार लग्न तिथियों की उपलब्धता को लेकर मगन हैं। आज 14 अप्रैल को खरमास खत्म हो रहा है और 15 से बरात का मानसून छा जाएगा। अप्रैल के दूसरे पखवारे से मई के दूसरे पखवारे तक घनघोर लग्न और बरातें... आगे पढ़े

अब केदारनाथ मंदिर के दरवाजे पर रार

Updated on 13 April, 2015, 13:15
रुद्रप्रयाग। विश्व प्रसिद्ध धाम केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह के फर्श की प्रकृति पर शुरू हुई रार तो अभी थम नहीं पाई, लेकिन मंदिर के दरवाजे को लेकर नया विवाद जरूर शुरू हो गया। बदरी-केदार मंदिर समिति चाहती है कि दरवाजे का निर्माण साल की लकड़ी से किया जाए। जबकि मंदिर... आगे पढ़े

सोलह करोड़ से बनेगा अर्धकुंभ के पुल

Updated on 13 April, 2015, 13:14
हरिद्वार । अर्धकुंभ मेले के लिए बनने वाले बिरला घाट के नए पुल की राह में आने वाली बाधा दूर हो गई है। पुलिस को 16 करोड़ में नया पुल बनाने की स्वीकृति शासन स्तर से मिल चुकी है। पहले इस पुल के निर्माण की लागत लोनिवि ने 13 करोड़... आगे पढ़े

अध्यात्म का मूल

Updated on 13 April, 2015, 10:25
सभी धर्म जीवन के सत्य की ही खोज करते हैं। हमें पूजा-पाठ और कर्मकांड में उलझने के बजाय उनका मर्म समझना चाहिए... एकम् सत्य द्वितीय ना अस्ति। सत्य एक और सनातन है। गुरुबाणी में इसे आदि सच, जुगादि सच इत्यादि शब्दों से संजोया गया है। बाइबल में 'मैं सत्य हूं के... आगे पढ़े

मंत्रों से गूंज रहा श्रीमहाकाल धाम

Updated on 11 April, 2015, 13:18
बामड़ा। बागडीह के श्री महाकाल धाम में आयोजित श्री महाकाल महोत्सव में शिव-शक्ति के मंत्रों से पूरा इलाका गूंज रहा है। हर रोज भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। श्री महाकालेश्वर की खास पूजा-आरती व भव्य श्रंगार में शामिल होने को भक्तों में होड़ दिख रही है। इस बीच श्री... आगे पढ़े

बदरीनाथ में पांच और मंदिर परिक्रमा क्षेत्र में कई फीट जमी है बर्फ

Updated on 11 April, 2015, 13:17
बदरीनाथ(चमोली)। चार धाम यात्रा को लेकर तैयारियों में और तेजी आ गई है। गुरुवार को बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में साफ-सफाई के काम के लिए मंदिर समिति की टीमें पहुंच गई। बदरीनाथ धाम और उसके आसपास पांच से पंद्रह फीट तक बर्फ जमी पड़ी है, जिसे हटाने का काम शुरू... आगे पढ़े

मेरे लाल, मैं तो सपनों से ही निहाल

Updated on 10 April, 2015, 12:39
महाशय, मैं संगम हूं। सदियों से हूं और सदियों तक रहूंगा। तीरथराज कहलाता हूं। सो मेरे मुकुट में तमाम नगीने जड़े हैं। पिछले कुछ सालों से कुछ और नगीने भी जड़े जाने की घोषणाएं हुई हैं, पर यह अमल में कब तक आएंगी, नहीं जानता। मैं यहां अपनी वेदना इसलिए... आगे पढ़े

मौसम का प्रभाव पवित्र बोधिवृक्ष पर

Updated on 10 April, 2015, 12:37
बोधगया (गया)। वन अनुसंधान संस्थान देहरादून के वैज्ञानिक डा. सुरेश चन्द्रा ने कहा कि महाबोधि मंदिर परिसर स्थित पवित्र बोधिवृक्ष मौसम के प्रभाव से प्रभावित है। इन दिनों पतझड़ का मौसम चल रहा है। जिसके कारण पुरानी पत्तियां झड़ गयी है। अब नयी-नयी पत्तियां निकल रही है। उन्होंने कहा कि बोधिवृक्ष... आगे पढ़े

प्रथा और परिवर्तन

Updated on 9 April, 2015, 11:47
एक ऐसा इलाका था, जहां की भूमि उर्वर नहीं थी। वहां बहुत कम फल उपजते थे। ईश्वर ने एक नियम बनाया कि वहां के लोग दिन में केवल एक ही फल खाएं। इस नियम को लोगों तक पहुंचाया ईश्वर के दूत ने। लोगों ने दूत की बात मानी और दिन... आगे पढ़े

दंडकाली यात्रा में श्रद्धालुओं ने किया धूलि दंड

Updated on 9 April, 2015, 11:46
ब्रजराजनगर। नगर के मंडलिया स्थित दुर्गा नगर यात्रा कमेटी द्वारा आयोजित 12वीं मां दंडकाली यात्रा का गत रविवार को भक्तिमय वातावरण में समापन हो गया। यह यात्रा मुख्य रूप से दक्षिण ओडिशा के गंजाम इलाके के निवासियों द्वारा आयोजित किए जाने की परंपरा है। सुबह में शुभ स्तंभ की स्थापना के... आगे पढ़े