Friday, 19 October 2018, 2:54 PM

न काहू से बैर

मतदाताओं के लिए बिछने लगे हैैं जाल

Updated on 4 September, 2018, 8:06
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह बचपन से अब तक स्कूलों में पढ़ते और बड़े बुजुर्गों से एक किस्सा खूब सुनते आ रहे हैैं कि किस तरह से लोगों को झांसा देकर फंसाया जाता है। इसे समझने के लिए पक्षियों से जुड़ी भूली बिसरी सी एक कहानी याद आ रही है। इसमें... आगे पढ़े

राहुल बाबा ऐसे तो मुश्किल है जीतना...

Updated on 8 August, 2018, 14:20
न काहू से बैर...राघवेंद्र सिंह नया इंडिया/ भोपाल ( हर सोमवार ) क्षेत्र कोई सा भी हो बिना पराक्रम और पुरुषार्थ के सफलता मुकद्दर साथ दे तो नामुमकिन भले ही न हो पर मुश्किल जरूर होती है। लेकिन भाग्य हमेशा साथ नहीं देता। सियासत भी इससे अलग नहीं है। इस साल होने वाले... आगे पढ़े

सियासत में सुतंगेबाजी का सैलाब...

Updated on 30 June, 2018, 8:00
राघवेंद्र सिंह/न काहू से बैर भोपाल/नया इंडिया सियासत में सुतंगेबाजी का दौर खूब चल रहा है। पहले गप और सुतंगे यदा कदा और छोटे किस्म के लीडर किया करते थे। मगर अब लगता है झूठ सुतंगे जुमले गप और आसमानी सुल्तानी वादे के बिना पालिटिक्स कलरफुल नहीं दिखती। अगर मौसम चुनाव का... आगे पढ़े

किसान आंदोलन-दूध की जली सरकार...

Updated on 4 June, 2018, 23:37
न काहू से बैर...राघवेंद्र सिंह देश भर का हैरान परेशान किसान आंदोलित है। वजह है उसके खेत में पैदा फसलें सस्ती और बाजार में उसे सब कुछ महंगा मिल रहा है। खेती को लाभ का धंधा बनाने के नारे से सरकार में आने वाली भाजपा के राज में खेती मुनाफे का... आगे पढ़े

जवान और किसान दुखी तो देश सुखी कैसे ?

Updated on 28 May, 2018, 10:57
किसानों की हाय किसे भस्म करेगी...? भोपाल। नया इंडिया। न काहू से बैर - राघवेंद्र सिंह इन दिनों देश भर खासतौर से उत्तर भारत लू की चपेट में है। सूरज से अंगारे बरस रहे हैं। 45-46 डिग्री तापमान के बीच लोग घरों में बैठे हैं। प्रकृति ने एक किस्म का कर्फ्यू सा लगा... आगे पढ़े

सत्ता की हवस में औंधे मुंह गिरती भाजपा

Updated on 24 May, 2018, 9:35
क्या ऐसे ही आएंगे अच्छे दिन..?   राघवेंद्र सिंह न काहू से बैर   कहा जाता है भूख लगने पर खाना खाओ तो वह भोजन कहलाता है। ज्यादा खाओ तो अजीर्ण हो जाता है और जरूरत से ज्यादा खाने लगो, जरूरत से ज्यादा कमाने लगो, नैतिकता, परंपरा और नियमों को तोड़कर सत्ता हथियाने लगो तो... आगे पढ़े

म.प्र. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष.... प्रथम ग्रासे मक्षिका पात...

Updated on 24 April, 2018, 13:14
न काहू से बैर...राघवेंद्र सिंह भोपाल में मध्यप्रदेश भाजपा का प्रदेश कार्यालय दोपहर के 12.30 बजे हैैं। अक्षय तृतीय का शुभ दिन है और नए मनोनीत अध्यक्ष राकेश सिंह की पत्रकारवार्ता  का समय हो रहा है। अचानक एक शुभचिंतक कार्यकर्ता बड़े नेता के कान में आकर कहते हैैं अभी तो राहू... आगे पढ़े

मध्यप्रदेश – दिग्विजय रिटर्न...

Updated on 10 April, 2018, 9:43
न काहू से बैर / राघवेन्द्र सिंह   मध्यप्रदेश कांग्रेस की सियासत में चौदह वर्ष का सूखा लगता है अब समाप्ति की ओर है। वजह है कभी भाजपा द्वारा मिस्टर बंटाढार के नाम से कुख्यात किए गए तत्कालीन मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह का बेड़ापार की भूमिका में नजर आना । कांग्रेस कार्यकर्ताओं के... आगे पढ़े

म.प्र. : परिवर्तन के भावांतर में फंसी भाजपा

Updated on 25 March, 2018, 21:57
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह मध्यप्रदेश समेत तीन भाजपा शासित राज्यों राजस्थान और छत्तीसगढ़ में साल के अंत तक चुनाव होने हैैं इसलिए सत्ता और संगठन दोनों में कामकाज को लेकर उल्टी गिनती शुरू हो गई है। मध्यप्रदेश और राजस्थान में सत्ता संगठन को लेकर पार्टी हाईकमान चिंतित है। चुनाव साल... आगे पढ़े

व्यापमं घोटाला, आरोपों के कटघरे में सीबीआई

Updated on 26 February, 2018, 10:03
न काहू से बैर - राघवेन्द्र सिंह नया इंडिया भोपाल व्यापमं महाघोटाला एक तरह से मध्यप्रदेश के माथे पर कलंक है। खास बात ये है कि इसे विधानसभा में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लगभग इन्हीं शब्दों में स्वीकार भी किया है। एसटीएफ की जांच के दौरान आरोपियों में एक किस्म की... आगे पढ़े

नंदू और सुहास के झगड़े में बागड़ बनी भाजपा

Updated on 3 January, 2018, 1:31
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह मध्यप्रदेश समेत आठ राज्यों में 2018 में चुनाव होना है। इनमें जो पार्टी जहां सत्ता में है वे अपनी हैसियत बरकरार रखने की जोड़ जुगाड़ में परेशान हैैं। जैसे जैसे चुनाव निकट आएगा यह परेशानी पार्टियों के पसीना - पसीना होने की वजह बनेंगी। म.प्र. के... आगे पढ़े

मध्यप्रदेश सब हो रहे बेलगाम...

Updated on 12 December, 2017, 11:41
मध्यप्रदेश में चूक रहे हैं दाेनाें चाैहान.... न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह नया इंडिया कल तक कहते थे नफरमान है नौकरशाही उसे ठीक करते करते सत्ता और संगठन भी बेलगाम होने लगे हैैं। यह एक वाक्य मध्यप्रदेश की सियासत और सरकार के कामकाज पर निष्कर्ष निकालने वाला माना जा सकता है। 14 साल... आगे पढ़े

व्यापम महाघोटाला...याने देशद्रोह का नया मॉडल

Updated on 8 December, 2017, 2:31
राघवेंद्र सिंह न काहू से बैर   मध्यप्रदेश का कुख्यात व्यापम महाघोटाला याने देशद्रोह का नया मॉडल। इसे राष्ट्रवाद का अतिरेक नहीं माना जाएगा। यह राष्ट्रद्रोह का स्वदेशी मॉडल भी कहा जा सकता है। इसे चिकित्सा शिक्षा से लेकर सरकारी नौकरियों में टैलेंट को खत्म करने का कथित तौर पर षड्यंत्र सरकारों द्वारा... आगे पढ़े

पहले कार्यकर्ता फिर मंत्रियों अब अफसरों की सरकार

Updated on 15 November, 2017, 9:16
ना काहू से बैर राघवेंद्र सिंह राम राज्य लाने का दावा करने वाली भारतीय जनता पार्टी चित्रकूट में चुनाव हार गई है। अटेर विधानसभा उपचुनाव को भी जोड़ें तो यह उसकी लगातार दूसरी शिकस्त है। सन 2018 में विधानसभा और 2019 में लोकसभा के चुनाव होने हैं, इसलिए भाजपा चिंता में... आगे पढ़े

भरम में किसान, भंवर में भावांतर...

Updated on 8 November, 2017, 8:07
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह नया इंडिया जिसमें सहनशीलता ज्यादा होती है प्रकृति भी शायद उसी की परीक्षा ज्यादा लेती है। सदियों से किसान के साथ ऐसा ही होता आ रहा है। भविष्य में भले ही चंद्रमा पर शहर बस जाएं मगर भारत का अन्नदाता भगवान, भाग्य प्रकृति और सरकार के ही... आगे पढ़े

मित्रों....इसे कहते हैं हंसना और गाल फुलाना

Updated on 1 November, 2017, 13:15
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह कहावतों की भी कहावत है....हंसना और गाल फुलाना मेरा आग्रह है पढ़ते समय इस कहावत को प्रयोग के तौर पर आजमाएं अवश्य मजा भी आएगा और जो पहली हम समझाना व समझना चाहते हैं उसमें आसानी भी होगी। मध्यप्रदेश में कल यानी सोमवार को संपन्न हो... आगे पढ़े

दिग्विजय की नर्मदा परिक्रमा राजनीति के रंग

Updated on 8 October, 2017, 19:05
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा से प्रदेश में 14 साल बाद कांग्र्रेस फिर सुर्खियों में है। साल 2003 में कांग्र्रेस पराजय की वजह से चर्चाओं में थी और उसे गर्त में पहुंचाने वाले नेताओं में दिग्विजय सिंह का नाम सबसे आगे था तब दिग्गी... आगे पढ़े

न काहू से बैर

Updated on 8 October, 2017, 11:18
इन्हें है जरूरत उल्टा लटकाने की ये उल्टे लटके तो सुधरें हालात राघवेंद्र सिंह मध्यप्रदेश में वर्षों से सुन रहे हैैं सुशासन आएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी टीम सिर के बल सुराज लाने की तेरह साल से कोशिश में जुटी हुई है। बिगड़ैल नौकरशाही को डंडा लेकर सुधारने से लेकर उल्टा... आगे पढ़े

हार्डकोर भाजपा में साफ्ट शिवराज, धुर दक्षिण पंथ में उदार शिवराज

Updated on 26 September, 2017, 18:24
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह वैसे तो बीते हफ्ते में सूबे की सियासत में काफी कुछ गंभीर घटनाएं हुई हैैं मगर सत्ता विपक्ष दोनों की बहुत ठंडी प्रतिक्रिया देखने को मिली। मामला चाहे किसानों को मुआवजे के तौर पर मिली रकम का आंकड़ा 4.70 रु. का भी देखने में आया जबकि... आगे पढ़े

मध्यप्रदेश : जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी...

Updated on 18 September, 2017, 8:34
राघवेंद्र सिंह जासु राज प्रिय प्रजा दुखारी, सो नृप अबस नरक अधिकारी। रामचरित्र मानस में गोस्वामी तुलसीदास पहले ही कह गए हैैं जिस राज्य में प्रिय दुख में हो उसके शासक नरक के अधिकारी होंगे। हम देश की बात नहीं कर रहे हैैं राज्य स्तर पर ही अगर इस बारे में सोचा जाए... आगे पढ़े

ढूंढे जा रहे हैैं सीएस की विदाई के बहाने

Updated on 11 September, 2017, 10:56
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह दिग्विजय सिंह शासनकाल के आखिरी दौर जो हुआ था वैसे हालात फिर पैदा हो गए हैैं। फर्क इतना नजर आता है कि दिग्विजय सिंह सरकार के तब दस साल हुए थे और शिवराज सरकार दस के पार पहुंचने पर उसी गति को प्राप्त हो रही है।... आगे पढ़े

मोदी मंत्रिमंडल: घाटे में रहा मध्यप्रदेश

Updated on 4 September, 2017, 22:05
राघवेंद्र सिंह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल का लोकसभा चुनाव पूर्व आखिरी विस्तार और उसमें घाटे में रहा मध्यप्रदेश। वैसे तो लोकसभा के साथ अगले वर्ष विधानसभा के चुनाव भी मध्यप्रदेश में होने वाले हैैं। लंबे समय से मोदी मंत्रिमंडल में कोई फुल टाइमर रक्षा मंत्री नहीं होना चिंता और चर्चा दोनों... आगे पढ़े

एक दिन पढ़ाने के टोटके से क्या होगा..?

Updated on 27 August, 2017, 19:31
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह सरकार टोने-टोटके पर उतर आई है और यह हो रहा है शिक्षा के क्षेत्र में। वैसे भी भारत की पश्चिमी देश विज्ञान के बजाए अंधविश्वासियों का  देश कहकर हंसी उड़ाते थे। अलग बात है कि हम खुद को अपने पुरखों के ज्ञान के चलते स्वयं को... आगे पढ़े

मप्र में संगठन और सरकार जमानत पर...

Updated on 21 August, 2017, 6:17
राघवेंद्र सिंह मध्यप्रदेश की राजनीति खासतौर से भाजपा में इन दिनों अजीब सा दौर है। तूफानी हलचल कहें या तूफान के आने के पहले की खामोशी। किसी के समझ में कुछ ज्यादा नहीं आ रहा है। असल में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह तीन दिनी दौरे पर आये थे। उनके... आगे पढ़े

भारतीय राजनीति के डीएनए में ही खोट है...?

Updated on 15 August, 2017, 18:21
राघवेंद्र सिंह भारत गांवों का देश है और देहात में एक कहावत आम है जननी जने तो भक्तजन, के दाता के शूर, नहीं तो काहे गंवावत नूर... अर्थात माता यदि पुत्र पैदा करे तो वह भक्त या फिर शूरवीर हो, दोनों न हो तो फिर वह व्यर्थ ही अपनी सुंदरता न... आगे पढ़े

सीएम (इलेक्शन) होते जा रहे हैैं शिवराज

Updated on 15 August, 2017, 18:20
राघवेंद्र सिंह मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपने राजनैतिक पराक्रम के चलते हर मर्ज की दवा हो गये हैैं। सरकार भी वही है और बहुत हद तक संगठन भी। अगर यह नुस्खा अन्य राज्यों में विस्तारित हो जाये तो जो सीएम होगा वही संगठन का भी कर्ताधर्ता हो जायेगा। इस... आगे पढ़े

अच्छी बातें तो बुरे लोग भी करते हैैं...

Updated on 31 July, 2017, 21:06
न काहू से बैर राघवेंद्र सिंह एक कहावत है अच्छी बातें तो बुरे लोग भी करते हैैं। इसलिये आदमी बातों से नहीं अपने कर्मों से पहचाना जाता है। यह कहावत राजनैतिक, सामाजिक, प्रशासनिक से लेकर मीडिया कर्मियों पर भी लागू होती है। यह इसलिये इन बिरादियों के लोगों से भी माफी के... आगे पढ़े

मप्र : निर्वस्त्र होता राष्ट्रवाद, भाजपा में देशद्रोही....

Updated on 9 July, 2017, 21:48
राघवेंद्र सिंह देश में इन दिनों राष्ट्रवाद और  आक्रामक देशभक्ति की लहर है वजह है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इजरायल यात्रा और उससे उपजे नये समीकरण। इजरायल दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जो चौतरफा अपने शत्रुओं से घिरा हुआ है। कह सकते हैैं बत्तीस दांतों के बीच में जीभ की... आगे पढ़े

क्या नजर लग गई है मध्यप्रदेश को..?

Updated on 4 July, 2017, 19:34
राघवेंद्र सिंह मुझे लगता है मध्यप्रदेश को किसी की नजर लग गई है। कुछ अच्छा घटित नहीं हो रहा है। कृषि बेहतर उत्पादन के बाद भी बेहाल, अन्नदाता आत्महत्या कर रहा है। नौकरशाही की नाफरमानियां और भ्रष्टाचार तो यहां पहले से ही खूंटा गाड़ के बैठे हुए हैैं। बदनामी के व्यापमं... आगे पढ़े

जबरदस्त दबाव में संगठन-सरकार

Updated on 20 June, 2017, 19:59
न काहू से बैर/राघवेंद्र सिंह     मध्यप्रदेश के सियासी सीन में जबरदस्त उथल-पुथल मची हुई है। साढ़े तेरह बरस की भाजपा सरकार और उसका संगठन अब तक के सर्वाधिक दबाव में है। किसान आंदोलन में सात की मृत्यु के बाद एक बार फिर साफ हुआ कि भाजपा सरकार और संगठन की करनी... आगे पढ़े